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Nov 23, 2010

जाने जिन्दा कहाँ पर हूँ ?


इसी  कविता  को अब आप यशवंत  माथुर जी की आवाज़ में सुन भी सकते हैं !



लोग कहते  हैं  की  ...ज़िंदगी  अभी  बाकि है  ..
तब  मैं  करता हूँ  हम  खुद  से  कुछ सवाल ,की
मैं  जिन्दा  तो  हूँ ,
पर  जाने  जिन्दा  कहाँ  पर हूँ ..?

मैं  जो  उसके  दिल  मे  नही  ....तो  जिन्दा कहाँ  पर  हूँ  ?
मैं  जो  उसकी  ज़िंदगी  मे  नही  ...तो  जिन्दा कहाँ  पर  हूँ  ?
हाँ , साँस  तो  लेता  हूँ ....उम्र भी बढ़  रही  है  मेरी  
धड़कन  का धड़क  जाना  ही .. गर  ज़िंदगी  है
 जो  ज़िंदगी  नही  तो  ....जाने मैं जिन्दा  कहाँ पर  हूँ .. ?


हाँ, ये  मर्त्युलोक  है  ....यहाँ  सपने  टूटते  हैं  ..
टूटते  हैं  इन्सान भी  ..
मार  देती  हैं  मुश्किलें  ..
जब  मुझे  भी  मुश्किलों ने है  मारा ..
तो  जाने मैं जिन्दा  कहाँ  पर ... हूँ  ?


हाँ, जिन्दा  हूँ  शायद आज भी वहीँ - कहीं ,
उसके  आसुंओ मे  ..
मेरी  दुआ  के  लिए  उठे  उसके  कम्पते  हाथों  मे ..
और  मेरे  लिए  अधीर  होते  उसके  मन  मे .. 

हाँ, जिन्दा  हूँ  शायद आज भी वहीँ  ...कहीं
उसके  अपनों  मे ..
टूटे  सपनो  मे  ..
उसके  लहराते  हुए  दामन  मे   ..
उसकी  बे-रोनक हँसी  मे  ..
उसकी  तन्हाई  मे  ..
उसको  मिली  रुसवाई  मे  ..
मैं  आज  भी  जिन्दा  हूँ ..
उसके  खामोश हुते  हुए  अधरों मे  कहीं  ...
आज  भी  जिन्दा हूँ ...

-ANJALI MAAHIL

10 comments:

  1. प्रशंसनीय प्रस्तुति - हार्दिक शुभकामनाएं

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  2. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति|

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  3. ....जीवन की निर्ल्लज दिशाए...सदियों से खामोश हैं.....इनको बोलने के लिए उकसाया है,,, अतुलनीय...रचना....अत्यंत प्रभावशली विचार....!!!..खुस रहिये आबाद रहिये....गाते रहिये गुनगुनाते रहिये...!!

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  4. सुन्दर भाव, दिल को छु गए .... बहुत खूब
    यहाँ पर भी पधारे और कमेन्ट दे http://unbeatableajay.blogspot.com/

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  5. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

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  6. जीवन की यही उथल है
    इक़ जिंदगी मे कई बार मरना
    इक़ बार से कितना मुश्किल है
    और ये तन्हाई का बुने क्या ताना
    शब्द-शब्द ये कितना अनमन है!
    ---
    शुभकामनाएं. शुक्रिया. जारी रहें.
    ---
    कुछ ग़मों के दीये

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  7. uski beraunak haNsi me.............ziNda huN..


    paNktiyaN virodhaabhaasi-si bhi lagti haiN aur yuN bhi lagta hai ki yathaarth ka aabhaas karaa rahi haiN.

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  8. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  9. अंतिम पंक्तियों में भाव बहुत प्रबल है ..शुभकामनायें
    चलते -चलते पर आपका स्वागत है

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  10. भारतीय ब्लॉग लेखक मंच
    की तरफ से आप, आपके परिवार तथा इष्टमित्रो को होली की हार्दिक शुभकामना. यह मंच आपका स्वागत करता है, आप अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "फालोवर" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
    भारतीय ब्लॉग लेखक मंच

    www.upkhabar.in

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