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Jul 9, 2011

अब अंत में ,


मैं कहाँ से अपनी जिन्दगी का ये अधुरा सफ़र पूरा करूँ ?
रिश्ते बनावटी से अब दिखने लगे हैं ,
किसी पर विश्वास की चादर भी ,
अब काली और मैली सी प्रतीत होती है |
अब अंत में , मैं कहाँ से .......





उम्र का रिश्ता , 
जनम के रिश्ते से भी पास लगता है,
उसमे कुछ शेष है , 
ये भी अटकता  है ,फिर ,
हर नए मोड़ पर ,  
ये  रिश्ता भी बदलता है ,
और हर आकृति , अब
श्याह सी प्रतीत होती है |
अब अंत में , मैं कहाँ से ..........






कभी जहन में नयी- पुरानी यादें आती हैं  ,
तो पलकों के मोती भी लौट आते हैं ,
कभी दिल बेचैन , तो जिस्म खामोश लगता है ,
मगर धड़कन से पत्तों के खरकने की आवाज़ आती है |
अब अंत में , मैं कहाँ से ...........






कभी सवालों के समाधानों की ,
कशमकश में फ़सी रहती हूँ ,
कभी जीवन में सर्वत्र अंधकार लगता है ,
अपनेपन के चेहरों से पटी ये दुनिया ,
हंसती , जीवित ...और कभी अनजान  लगती है |


अब अंत में ,
मैं कहाँ से अपनी जिन्दगी का ये अधुरा सफ़र पूरा करूँ ?



-Anjali Maahil

15 comments:

  1. कभी जहन में नयी- पुरानी यादें आती हैं ,
    तो पलकों के मोती भी लौट आते हैं ,
    कभी दिल बेचैन , तो जिस्म खामोश लगता है ,
    मगर धड़कन से पत्तों के खरकने की आवाज़ आती है |
    अब अंत में , मैं कहाँ से ...........

    मनःस्थिति को बखूबी उभारा है आपने इस कविता में.
    आपकी कविताओं का हर नगीना अच्छा लगता है.
    ---------
    कल 10/07/2011 को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  2. mansik chitran sunder prastut kiya hai

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  3. अभी कहाँ से अंत कि बात कर रही हैं ? ... मन कि कश्मकश को बखूबी लिखा है

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  4. बहुत बहुत खूबसूरती से मन के भावो को शब्दों में पिरोया है अपने...

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  5. कभी जहन में नयी- पुरानी यादें आती हैं ,
    तो पलकों के मोती भी लौट आते हैं ,
    कभी दिल बेचैन , तो जिस्म खामोश लगता है ,
    मगर धड़कन से पत्तों के खरकने की आवाज़ आती है |
    अब अंत में , मैं कहाँ से ...........patton se sarsaraate ehsaas

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  6. अच्छी प्रस्तुति ...कल इस पर शायद टिप्पणी तो दी थी ..दिख नहीं रही :)

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  7. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (11-7-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  8. इंसानी मन के भीतर की उठापठक को चित्रित करती बेहतरीन रचना।
    शुभकामनाएं आपको..............

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  9. बहुत खुबसूरत अहसासों को समेटे ये पोस्ट ....पसंद आई|

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  10. एक नए तरीके की कविता। बेहद खुबसुरत। शानदार।

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  11. बहुत सुंदर कविता..

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  12. आप सभी कि शुभकामनाओं और प्रतिक्रियाओं के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !!!!

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