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Sep 7, 2011

"मुलाकात "



एक छोटी सी मुलाकात हुई ,
कुछ जान हुई ,पहचान हुई ,
कुछ अते -पते की बात हुई ,
फिर कब जाने ,
सुबह की रात हुई ,
ऐसी छोटी -मोटी बात हुई , 
एक छोटी सी मुलाकात हुई !!

थोड़ी -थोड़ी बात बढ़ी ,
ये नजर लगी अलसाई सी ,
कुछ शाम भी थी गहराई सी ,
हाथों पर हाथों की सिहरन से,
बात दबी जुबान पर आयी थी ,
कुछ छोटी -छोटी बात हुईं , 
एक छोटी सी मुलाकात हुई !!

कुछ गिला उसने मुझसे किया ,
कुछ शिकवा मैं भी लेकर आयी थी , 
कुछ छोटी -छोटी बात हुईं ,
एक छोटी सी मुलाकात हुई !!

-ANJALI MAAHIL 

15 comments:

  1. कुछ गिला उसने मुझसे किया ,
    कुछ शिकवा मैं भी लेकर आयी थी ,
    कुछ छोटी -छोटी बात हुईं ,
    एक छोटी सी मुलाकात हुई !!खुबसूरत.....

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  2. prem ki sunder abhivyakti.........

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  3. वाह... क्‍या मुलाकात है..
    अच्‍छी प्रस्‍तुति..............

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  4. प्यार के खुबसूरत अहसास से सराबोर पोस्ट.........

    लगता है आप दूसरों को पढ़ने में दिलचस्पी नहीं रखती.........

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  5. कल 09/09/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  6. नए प्रतीक...नए भाव....
    बहुत सार्थक और अच्छी सोच ....सुन्दर कविता ...... सुंदर भावाभिव्यक्ति.

    बधाई और आभार.

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  7. बहुत सुन्दर रचना

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  8. एक छोटी सी मुलाकात हुई !! Wah !

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